वित्त मंत्रालय ने लोगों से कहा है कि वे इसको लेकर किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें. अगले दो महीने में दो किस्तें और डाली जायेंगी. एसबीआई ने लाभार्थियों से कहा है कि वे इन अफवाहों पर ध्यान नहीं दें कि यदि वे इस पैसे को नहीं निकालेंगी तो सरकार उसे वापस ले लेगी.

वित्त मंत्रालय ने 09 अप्रैल 2020 को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत महिला खाताधारकों के खातों में अगले दो माह के दौरान 500-500 रुपये की दो समान किस्तों में 1,000 रुपये डाले जाएंगे. महिला जनधन खातों में पहली किस्त के रूप में अप्रैल में 500 रुपये डाले गए हैं.

वित्त मंत्रालय ने लोगों से कहा है कि वे इसको लेकर किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें. अगले दो महीने में दो किस्तें और डाली जायेंगी. एसबीआई ने लाभार्थियों से कहा है कि वे इन अफवाहों पर ध्यान नहीं दें कि यदि वे इस पैसे को नहीं निकालेंगी तो सरकार उसे वापस ले लेगी. इन अफवाहों के चलते बड़ी संख्या में लोग बैंकों में पैसा निकालने के लिए जुट रहे हैं.

 

वित्तीय सेवा विभाग ने क्या कहा?

वित्तीय सेवा विभाग ने ट्वीट में कहा है कि सरकार ने अप्रैल के लिए महिला जनधन खाताधारकों के खातों में 500-500 रुपये डाल दिए हैं. लाभार्थी इस पैसे को कभी भी निकाल सकते हैं. विभाग ने कहा है कि मई और जून में इन खाताधारकों के खातों में 500- 500 रुपये और डाले जाएंगे.

वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार पीएमजेडीवाई के तहत कुल खातों की संख्या 38.08 करोड़ है. इनमें से 20.60 करोड़ महिला खाताधारक हैं. एक अप्रैल तक पीएमजेडीवाई खातों में 1.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा थी.

 

प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) क्या है?

प्रधानमंत्री जनधन योजना गांव के गरीब लोगों को बैंक से जोड़ने के लिए शुरू की गई थी. यह योजना भ्रष्टाचार रोकने और लाभार्थियों का सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे देने के उद्देश्य से 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई थी. जीरो बैलेंस पर खुलने वाले इस खाते में लोगों को एक लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाता है. इस योजना के तहत 30,000 रुपए का जीवन बीमा पॉलिसी धारक की मौत होने पर उसके नॉमिनी को दिया जाता है. इस जन धन खाते में पैसे निकालने, जमा करना, फंड ट्रांसफर करना, मोबाइल बैंकिंग की सुविधा सब फ्री है.

 

प्रधानमंत्री जनधन योजना का उद्देश्य वंचित वर्गो जैसे कमजोर वर्गो और कम आय वर्गो को विभिन्न वित्तीय सेवाएं जैसे मूल बचत बैंक खाते की उपलब्धता, आवश्यकता आधारित ऋण की उपलब्धता, विप्रेषण सुविधा, बीमा तथा पेंशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. इस योजना में हरेक परिवार के लिए कम से कम एक मूल बैंकिंग खाता, वित्तीय साक्षारता, ऋण की उपलब्धता, बीमा तथा पेंशन सुविधा सहित सभी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की अभिकल्पना की गयी है.