
25 मार्च को देशभर में शराब की जो दुकानें बंद हुईं तो वो जाकर 4 मई को खुलीं. दुकानें क्या खुलीं शराब न मिलने से परेशान लोग लंबी कतारों में लगने से भी नहीं कतराए.
लॉकडाउन के तीसरे चरण में जैसे ही केंद्र सरकार ने शराब की बिक्री पर से प्रतिबंध हटाया, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से लेकर छोटे शहरों में भी शराब खरीदने के लिए एक-दो कलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिली. उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले में तो भारी बारिश के बीच भी लोग कतार में जमे रहे.
लोगों की लंबी कतारें एक ओर राज्य सरकारों के लिए कोरोना संक्रमण के आंकड़ों के बढ़ने का कारण बन सकती है, तो दूसरी ओर यही कतारें राज्य की अर्थव्यस्था को फिर से दुरुस्त करने का एकमात्र साधन भी लग रही हैं.
हालांकि लॉकडाउन के पहले चरण (25 मार्च-14 अप्रैल) में असम, मेघालय, पश्रिम बंगाल, केरल और पंजाब ने कड़े दिशा-निर्देशों के साथ कुछ शराब की दुकानें खोली थीं क्योंकि तब केंद्र सरकार ने शराब की बिक्री पर कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की थी. बाद में केंद्र सरकार ने इन राज्यों को ऐसा करने से मना किया.
15 अप्रैल को केंद्र ने स्पष्ट रूप से गाइडलाइन जारी कर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध भी लगा दिया था जिसको अब लॉकडाउन के तीसरे चरण में हटा दिया गया है.