राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्‍तपोषण रोके जाने की घोषणा करते हुए कहा कि दुनियाभर में फैलने से पहले चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस की गंभीरता को डब्‍ल्‍यूएचओ ने छुपाया है. 

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने 14 अप्रैल 2020 को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) को अमेरिका से मिलने वाले वित्‍तपोषण (फंडिंग) पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ को दी जाने वाली सालाना 50 करोड़ डॉलर तक की अमेरिकी धनराशि को रोकने की घोषणा की है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्‍तपोषण रोके जाने की घोषणा करते हुए कहा कि दुनियाभर में फैलने से पहले चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस की गंभीरता को डब्‍ल्‍यूएचओ ने छुपाया है. वहीं दूसरी संयुक्‍त राष्‍ट्र (यूएन) ने कहा है कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के संशाधनों में कटौती करने का यह उचित समय नहीं है.

 

फंडिंग क्यों रोका गया?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 अप्रैल 2020 को डब्ल्यूएचओ के फंडिंग पर रोक लगाने की घोषणा की और उस पर घातक कोरोना वायरस के प्रसार को कम करने को लेकर प्रबंधन में गंभीर गलती करने और जानकारी को छुपाने का आरोप लगाया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि डब्‍ल्‍यूएचओ ने महामारी और अमेरिका के प्रति पारदर्शिता में रुकावट पैदा की है.

राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने क्या कहा?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि उन्‍होंने प्रशासन को डब्‍ल्‍यूएचओ को दिए जाने वाले धन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि महमारी के कुप्रबंधन और कोरोना वायरस के प्रसार को छुपाने में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की भूमिका की जांच की जा रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह डब्‍ल्‍यूएचओ को दिए जाने वाले धन का उपयोग कैसे किया जाए इस पर चर्चा करेंगे.

 

डब्‍ल्‍यूएचओ को सबसे ज्‍यादा धन देने वाला देश

अमेरिका डब्‍ल्‍यूएचओ को सबसे ज्‍यादा धन देने वाला देश है. अमेरिका ने पिछले साल 40 करोड़ डॉलर का वित्‍तपोषण किया था. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हर साल 40 करोड़ से 50 करोड़ डॉलर तक डब्ल्यूएचओ को देते हैं, जबकि चीन एक साल में लगभग चार करोड़ डॉलर का योगदान देता है या इससे भी कम. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि संगठन के प्रमुख प्रायोजक के रूप में अमेरिका का यह कर्तव्य है कि वह डब्ल्यूटीओ की पूर्ण जवाबदेही तय करे.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने महामारी को लेकर कहा कि अब पीछे मुड़कर देखने का समय नहीं है और इस पर विचार करें कि इस संकट से निकलने के लिए सभी लोगों को क्या करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह समय एकजुटता का है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह समय इस वायरस और इसके विनाशकारी परिणामों को रोकने के लिए एकजुटता के साथ मिलकर काम करने का है.

 

अमेरिका में कोरोना वायरस का कहर

अमेरिका में अब तक कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण संक्रमित लोगों की संख्या 6 लाख से अधिक पहुंच चुकी है. वहीं इस जानलेवा वायरस से अमेरिका में अब तक 25 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो गई है.