किसान भाइयों यह सफल किसान मात्र दो एकड़ की टमाटर की खेती से लाखों की कमाई कर रहा है। वह भी बहुत कम समय व कम लागत लगाकर। इनकी खेती के तरीके एवं प्रबंधन की कहानी पढ़कर आप को भी प्रेरणा मिलेगी।
मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के किसान रेवानंद निकाजू मुख्य रूप से संतरा, मौसमी, अनार, पपीता, टमाटर एवं कपास की खेती करते हैं। लेकिन उनका कहना है कि पिछले पांच साल से टमाटर की खेती में अच्छा उत्पादन होने के कारण वह टमाटर की खेती करते हैं। इससे यह अच्छी आय प्राप्त कर रहें हैं।
यह टमाटर लगाने की शुरुआत मई महीने में करते हैं। टमाटर का रोपण यह 105 छेद वाले ट्रे में करते हैं। जिसमें 60 प्रतिशत कोकोपीट व 40 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट में ट्राइकोडर्मा मिक्स करते हैं। दो एकड़ में 200 ट्रे का इस्तेमाल करते हैं। टमाटर की सेमिनिज की अभिषेक किस्म का इस्तेमाल करते हैं। दो एकड़ में 10 ग्राम के 7 पैकेट पर्याप्त होते हैं।
किसान भाइयों यह सफल किसान मात्र दो एकड़ की टमाटर की खेती से लाखों की कमाई कर रहा है। वह भी बहुत कम समय व कम लागत लगाकर। इनकी खेती के तरीके एवं प्रबंधन की कहानी पढ़कर आप को भी प्रेरणा मिलेगी।
मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के किसान रेवानंद निकाजू मुख्य रूप से संतरा, मौसमी, अनार, पपीता, टमाटर एवं कपास की खेती करते हैं। लेकिन उनका कहना है कि पिछले पांच साल से टमाटर की खेती में अच्छा उत्पादन होने के कारण वह टमाटर की खेती करते हैं। इससे यह अच्छी आय प्राप्त कर रहें हैं।
यह टमाटर लगाने की शुरुआत मई महीने में करते हैं। टमाटर का रोपण यह 105 छेद वाले ट्रे में करते हैं। जिसमें 60 प्रतिशत कोकोपीट व 40 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट में ट्राइकोडर्मा मिक्स करते हैं। दो एकड़ में 200 ट्रे का इस्तेमाल करते हैं। टमाटर की सेमिनिज की अभिषेक किस्म का इस्तेमाल करते हैं। दो एकड़ में 10 ग्राम के 7 पैकेट पर्याप्त होते हैं।


