73 में से 1 स्लाइड: Indian cricket captain Rohit Sharma and Shikhar Dhawan during the 5th cricket match of Asia Cup 2018 between India and Pakistan at Dubai International cricket stadium,Dubai, United Arab Emirates. 09-19-2018 (Photo by Tharaka Basnayaka/NurPhoto via Getty Images)

धोनी से जुड़ी फिल्म में दिखाया गया है, कि तब के कप्तान सौरव गांगुली ने उन्हें मौका दिया था, उसके बाद माही ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. इस सबके बीच अब धोनी के टीम इंडिया में सेलेक्शन के नए राज सामने आए. भारत के पूर्व विकेटकीपर और 1983 के वर्ल्ड चैंपियन टीम के सदस्य सैयद किरमानी (Syed Kirmani) ने अब एक खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि जब वो और ईस्ट जोन के तत्कालीन सेलेक्टर प्रणब रॉय (Pranab Roy) एक रणजी मैच देख रहे थे तब दोनों के बीच धोनी को लेकर चर्चा हुई.

 

प्रणब रॉय ने सैयद किरमानी से कहा कि झारखंड का एक विकेटकीपर-बल्लेबाज है जो युवा है और उसका सेलेक्शन किया जाना चाहिए. फिर किरमानी से प्रणब से पूछा कि क्या वो इस मैच में विकेटकीपिंग कर रहा है, तो उन्होंने बातया कि वो इस वक्त स्टंप के पीछे नहीं बल्कि फाइन लेग पर मौजूद हैं. इसके बाद किरमानी ने धोनी के पुराने रिकॉर्ड को खंघाला और पाया कि वो लगातार बल्ले से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके बाद धोनी को ईस्ट जोन के लिए चुन लिया गया. आगे चलकर टीम इंडिया को एक बेहतरीन खिलाड़ी मिल गया.

जब धोनी टीम इंडिया में आए थे तब टीम इंडिया अपने स्थापित विकेटकीपर के लिए जद्दोजहद कर रही थी, नयन मोंगिया और सबा करीम के बाद सेलेक्टर्स ने एक के बाद एक प्रयोग किए लेकिन सभी नाकाम रहे, धोनी से पहले दिनेश कार्तिक को भी मौका मिला था, लेकिन शुरुआती मैचों में वो उतना कमाल नहीं दिखा पाए, लेकिन जब धोनी ने भारतीय टीम का हाथ पकड़ा था तब से एक बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज की तलाश खत्म हुई थी.