विश्व महासागर दिवस 2020 (World Ocean Day 2020) : आज 8 जून को विश्व के कई देशों में विश्व महासागर दिवस मनाया जा रहा है. आज समुद्र की साफ-सफाई के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है और समुद्र तट पर फैले कचरे को साफ किया जाता है. समुद्र हमें काफी कुछ देता है जिसमें सी फूड, मूंगा, ऑक्सीजन, भोजन और हवा है. इससे जलवायु में भी बैलेंस बना रहता है. समुद्र से मिलने वाला सी फूड (Sea food ) पोषक तत्वों से भरपूर होता है. सी फूड (Sea food ) एजिंग को भी काफी धीमा कर देता है.
सी फूड (Sea Food ) क्या है :
समु्द्र से मिलने वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि मछलियां, केकड़ा को सी फूड (Sea Food ) कहा जाता है. झींगा, क्रेब्स, केकड़ा, स्क्विड, ओएस्टर और मछली सी फूड में आते हैं. सी फूड नॉन-वेज होता है.
सी फूड में मिलने वाले पोषक तत्व:
सी फूड में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हेल्दी बॉडी के लिए काफी जरूरी होते हैं लेकिन ये पोषक तत्व अन्य खाद्य पदार्थों में नहीं पाए जाते हैं. सी फूड में सेलेनियम और विटामिन ई मुख्य रूप से पाए जाते हैं. इसके अलावा समुद्र में पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में प्रोटीन भी उचित मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें विटामिन ए, बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन डी, सेलेनियम, जिंक, आयोडीन और आयरन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. शरीर पर एजिंग का प्रभाव रोकने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड काफी फायदेमंद होता है. मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
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सी फूड में ये है हेल्दी:
हेल्थलाइन के अनुसार, ये मछलियां सेहत के लिहाज से खाने के लिए बेहतर हैं- टूना फिश, आर्कटिक चार, स्ट्रिपड बास, सर्दिनेस, पर्च, कॉड, अलास्कन सालमन.
-कॉड फिश में फास्फोरस, नियासिन, विटामिन B 12 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
-अलास्कन सालमन में ओमेगा 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जोकि स्किन पार बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद करता है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.