कोरोना

बाली में वह 25 मार्च की दोपहर थी. लंबे समय बाद मैं ख़ुद को सुन सकती थी. स्कूटरों की आवाज़ नहीं आ रही थी. नूडल्स बेचने वालों का शोर नहीं था. यहां तक कि ऊपर उड़ते विमानों की आवाज़ भी नहीं थी.

उनकी जगह मैंने ड्रैगनफ्लाई की भनभनाहट सुनी और एक मेढ़क को उछलते देखा. मैं चुपचाप बैठकर द्वीप के नए साल के दिन "न्येपी" की परंपरा में खोने की कोशिश कर रही थी.

बाली में यह "मौन दिवस" होता है जब 24 घंटे के लिए लोग अपने घरों में रहते हैं. वे बीते साल का मूल्यांकन करते हैं और आने वाले समय के लिए ख़ुद को तैयार करते हैं.

आम तौर पर बाली में नए साल का पहला दिन तूफान के बाद की शांति जैसा होता है. नए साल की पूर्वसंध्या पर बाली में ख़ूब धूम-धड़ाका होता है.

दानव के विशाल पुतले

महीनों पहले से लोग बांस और काग़ज़ की लुगदी से दानव के विशाल पुतले बनाने में लगे रहते हैं. उनको ओगोह-ओगोह कहा जाता है.