सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया हैं ताकि चार्जिंग पर खर्च कम हो। वहीं दूसरी तरफ स्वदेशी ई-रिक्शा के लिए नया सब्सिडी मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसमें ग्राहक और कंपनी दोनों को आर्थिक मदद दी जाएगी।
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ई-व्हीकल चार्जिंग पर राहत
ऊर्जा मंत्रालय ने चार्जिंग इंफ्रा नियमों में बदलाव किया है जिसके चलते इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग पर कम खर्च होगा। दरअसल ऊर्जा मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन के लिए पॉवर टैरिफ के नए नियम लागू किए है। बिजली की औसत दर के अलावा अधिकतम 15% टैरिफ लागू होगा। डिस्कॉम कंपनियां इससे ज्यादा बिजली की दर नहीं ले सकते है।
ई-रिक्शा को बढ़ावा
इधर स्वदेशी ई-रिक्शा के लिए नया सब्सिडी मॉडल लाया जा रहा है जिसके चलते स्वदेशी ई-रिक्शा के लिए स्ता कर्ज मिलेगा। ई-रिक्शा बनाने वाली कंपनियों के लिए टैक्स छूट दी जायेगी। नई स्कीम में करीब 1 करोड़ ई-रिक्शा को फायदा होगा। FAME-2 में सिर्फ 5 लाख ई-रिक्शा को सब्सिडी की बात की गई है। 2022 तक स्कीम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है