गरीब वह नहीं है जिसके पास कम है, बल्कि धनवान होते हुए भी जिसकी इच्छा कम नहीं हुई है, वह सबसे गरीब है।
- विनोबा भावे
किसी भी प्रकार की गरीबी हमारा ईश्वर से उचित सम्बन्ध जोड़ देती है जब कि हर प्रकार की अमीरी, चाहे मन की हो या धन की, हमारा उससे विच्छेद करा देती है।
- फ्रेंक क्रासले
गरीबी दैवीय अभिशाप नहीं, मानवीय सृष्टी है।
-महात्मा गाँधी
जो गरीबों पर दया करता है, वह अपने कृत्यों से ईश्वर को ऋणी बनाता है।
-इंजील
'मैं गरीब हूँ' यह कहकर किसी को पाप कर्म में लिप्त नहीं होना चाहिए।
-तिरुवल्लुवर
गरीब और संतुष्ट संपन्न है,बहुत संपन्न.
-विलियम शेक्सपीयर
उस मनुष्य से गरीब कोई नहीं है, जिसके पास केवल पैसा है।
- एडविन पग
गरीब रोटी खोजता है और अमीर भूख।
-डेनिश कहावत
गरीबों के सिवाय कुछ ही ऐसे इंसान हैं जो गरीबों के बारे में सोचते हैं।
-एल० ई० लन्डन
गरीबी अपमानजनक नहीं है, बल्कि इसकी भयावहता पीड़ादायक है।
-मिल्टन बेरेल
गरीबी मनुष्य को बुद्धिमान बनती है ।
-विलियम शेक्सपीयर
अगर करना उतना ही आसान होता जितना की जानना की क्या करना अच्छा है, तो शवगृह गिरिजाघर होते , और गरीबो के झोंपड़े महल।
-विलियम शेक्सपीयर
“यदि कोई एक व्यक्ति को भी ऐसा रह गया जिसे किसी रूप में अछूत कहा जाए तो भारत को अपना सर शर्म से झुकाना पड़ेगा।“ ~ लाल बहादुर शास्त्री
“मेरी एक ही इच्छा है कि भारत एक अच्छा उत्पादक हो और इस देश में कोई भूखा ना हो ,अन्न के लिए आंसू बहता हुआ” ~ सरदार वल्लभ भाई पटेल
“विज्ञान लोगों को गरीबी और बीमारी से निकाल सकता है। और वो बदले में सामाजिक अशांति ख़त्म कर सकता है।“~ स्टीफेन हाकिंग
“गरीबी बहुआयामी है । यह हमारी कमाई के अलावा स्वास्थय , राजनीतिक भागीदारी , और हमारी संस्कृति और सामाजिक संगठन की उन्नति पर भी असर डालती है।“ ~ अटल बिहारी वाजपेयी
“अमीरी की कब्र पर पनपी हुई गरीबी बड़ी जहरीली होती है” ~ प्रेमचंद
“अकेलापन और अनचाहा होना दुनिया की सबसे बड़ी गरीबी है।“ ~ मदर टेरेसा
“मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि हमारे देश की प्रमुख समस्याएं गरीबी ,अशिक्षा , बीमारी , कुशल उत्पादन एवं वितरण सिर्फ समाजवादी तरीके से ही की जा सकती है।“ ~ सुभाष चन्द्र बोस
“दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में।“ ~ महात्मा गाँधी
“मैं तुम्हें एक जंतर देता हूँ । जब भी तुम्हें संदेह हो या तुम्हारा अहम् तुम पर हावी होने लगे, तो यह कसौटी आजमाओ :
जो सबसे गरीब और कमज़ोर आदमी तुमने देखा हो, उसकी शकल याद करो और अपने दिल से पूछो कि जो कदम उठाने का तुम विचार कर रहे हो, वह उस आदमी के लिए कितना उपयोगी होगा । क्या उससे उसे कुछ लाभ पहुंचेगा ? क्या उससे वह अपने ही जीवन और भाग्य पर कुछ काबू रख सकेगा ? यानी क्या उससे उन करोड़ो लोगों को स्वराज मिल सकेगा जिनके पेट भूखे हैं और आत्मा अतृप्त है ?
तब तुम देखोगे कि तुम्हारा संदेह मिट रहा है और अहम् समाप्त हो रहा है।“ ~ महात्मा गांधी
“जिस व्यक्ति को कोई चाहने वाला न हो, कोई ख्याल रखने वाला न हो, जिसे हर कोई भूल चुका हो,मेरे विचार से वह किसी ऐसे व्यक्ति की तुलना में जिसके पास कुछ खाने को न हो ,कहीं बड़ी भूख, कही बड़ी गरीबी से ग्रस्त है।“ ~ मदर टेरेसा
“अगर आपके पास ज़रुरत से ज्यादा है तो उसे उनसे शेयर करिये जिन्हे इसकी सबसे ज्यादा ज़रुरत है।“ ~ संदीप महेश्वरी
“मैंने सुना है कि गरीबों की मदद करने का सबसे अच्छा तरीका है ये सुनिश्चित करना कि आप उनमे से एक नहीं बन जाते।“ ~ रोबिन शर्मा
“संतोष गरीबों को अमीर बनाता है, असंतोष अमीरों को गरीब।“ ~ बेंजामिन फ्रैंकलिन
“आन्तरिक दरिद्रता ही बाहर की दरिद्रता बनकर प्रकट होती रहती है।“ ~ पं श्रीराम शर्मा आचार्य
“गरीब वह है जिसकी अभिलाषायें बढी हुई हैं।“ ~ डेनियल
“कुबेर भी यदि आय से अधिक व्यय करे तो निर्धन हो जाता है।“~ चाणक्य
“निर्धनता से मनुष्य मे लज्जा आती है । लज्जा से आदमी तेजहीन हो जाता है । निस्तेज मनुष्य का समाज तिरस्कार करता है । तिरष्कृत मनुष्य में वैराग्य भाव उत्पन्न हो जाते हैं और तब मनुष्य को शोक होने लगता है । जब मनुष्य शोकातुर होता है तो उसकी बुद्धि क्षीण होने लगती है और बुद्धिहीन मनुष्य का सर्वनाश हो जाता है ।“ ~वासवदत्ता , मृच्छकटिकम में