Chandra Grahan Lunar Eclipse 2020 Today Timings in India, Live Streaming Online: आज साल के दूसरे चंद्र ग्रहण का दिलचस्प नजारा देखने को मिलेगा। ये एक पेनुमब्रल (penumbral lunar eclipse) यानी उपच्छाया चंद्र ग्रहण है। इस तरह का ग्रहण इसी साल 10 जनवरी को भी लगा था।
भारतीय समय के अनुसार ये ग्रहण रात 11:16 बजे से शुरू होने जा रहा है जिसकी समाप्ति 6 जून 02:32 AM पर होगी। रात 12:54 पर ग्रहण अपने पूर्ण प्रभाव में होगा। खास बात ये है कि भारत के लोग भी इस ग्रहण को देख पायेंगे। इस दौरान चांद के आकार में कोई अंतर नहीं आएगा। उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण चांद के आगे एक धुंधली सी छवि देखने को मिलेगी।
क्या है उपच्छाया चंद्र ग्रहण? उपच्छाया चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूरज और चांद के बीच पृथ्वी घूमते हुए आती है लेकिन वे तीनों एक सीधी लाइन में नहीं होते। यह स्थिति तब बनती है जब चंद्रमा पर पृथ्वी की वास्तविक छाया न पड़कर केवल उसकी उपच्छाया ही पड़ती है।
जिससे इस दौरान चंद्रमा की आकृति में कोई परिवर्तन न आकर उसकी छवि कुछ धुंधली नजर आने लगती है। जिससे चांद सामान्य से थोड़ा गहरे रंग का दिखाई देता है। जबकि पूर्ण चंद्र ग्रहण या आंशिक चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा पृथ्वी की वास्तिवक छाया में आता है।
ग्रहण को कहां देखा जाएगा? पृथ्वी का बड़ा हिस्सा जून के चंद्रग्रहण को देख पाने में सक्षम होगा। क्योंकि ये ग्रहण भारत के अलावा यूरोप के अधिकांश भाग, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
लाइव कहां देख सकते हैं? कई यूट्यूब चैनल ग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग करते हैं। Slooh और Virtual Telescope चैनल इस घटना को लाइवस्ट्रीम करने के लिए जाने जाते हैं।
ग्रहण को कैसे देख सकते हैं? चंद्र ग्रहण पूरी तरह से सुरक्षित होता है इसलिए आप इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं। अगर आप टेलिस्कोप की मदद से चंद्र ग्रहण देखेंगे तो आपको बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देगा। ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण है जो कि खास सोलर फिल्टर वाले चश्मों (सोलर-व्युइंग ग्लासेस, पर्सनल सोलर फिल्टर्स या आइक्लिप्स ग्लासेस) से ही सही से देखा जा सकेगा।
अगला चंद्र ग्रहण कब? इस साल में सभी उपच्छाया चंद्र ग्रहण हैं। 5 जून के बाद आप 5 जुलाई को यानी ठीक एक महीने बाद फिर से चंद्र ग्रहण का नजारा देख पायेंगे और इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को दिखाई देगा।
क्या है ग्रहण का सूतक काल? इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। क्योंकि ये एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण है। ज्योतिष अनुसार इसे ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता। जिस कारण न तो ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा और न ही किसी भी तरह के काम करने में कोई पाबंदी होगी।