जलवायु परिवर्तन

 

एक नई स्टडी के अनुसार साल 2070 तक तीन अरब से भी ज़्यादा लोग वैसी जगहों पर रह रहे होंगे जहां टेम्प्रेचर 'सहने लायक नहीं' होगा.

जब तक कि ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी नहीं आएगी, बड़ी संख्या में लोग ये महसूस करेंगे कि औसत तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से भी ज़्यादा हो गया है.

पर्यावरण की ये स्थिति उस 'कम्फर्ट ज़ोन' से बाहर होगी जिस माहौल में पिछले छह हज़ार सालों से इंसान फलफूल रहे हैं.

इस स्टडी के सहलेखक टिम लेंटन ने बीबीसी को बताया, "ये रिसर्च उम्मीद है कि जलवायु परिवर्तन को ज़्यादा मानवीय संदर्भों में देखता है."

शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी के लिए संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या और वैश्विक तापमान में वृद्धि संबंधी आंकड़ों का इस्तेमाल किया है.