सोचता हुआ एक लड़का

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से #BoisLockerRoom और #GirlsLockerRoom हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं.

ये दोनों चैट ग्रुप्स हैं जो फोटो शेयरिंग सोशल नेटवर्किंग साइट इंस्टाग्राम पर बनाए गए थे. चार और पांच मई को इनके स्क्रीन शॉट ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे.

बॉयज़ लॉकर रूम में नाबालिग लड़कियों की तस्वीरों को शेयर करके उन पर अभद्र टिप्पणियां और रेप की बात की गई थी. वहीं गर्ल्स लॉकर रूम में लड़कों को लेकर अभद्र टिप्पणियां थीं और कुछ फोटो भी शेयर किए गए थे.

बॉयज़ लॉकर रूम के स्क्रीनशॉट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आलोचना इसकी होने लगी. लड़कियों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली महिला आयोग ने मामले में दखल दिया. दिल्ली पुलिस ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए इस ग्रुप में शामिल एक लड़के को गिरफ़्तार किया है. साथ ही इस संबंध में कुछ और लड़कों से पूछताछ की गई है.

इन ग्रुप चैट में शामिल कई लड़के और लड़कियां 16-17 साल के बताए जा रहे हैं. इतनी कम उम्र के लड़के-लड़कियों के ऐसी आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल होने से माता-पिता के लिए भी चिंताएं बढ़ गई हैं.l.

सोशल मीडिया पर ऐसे कई क्लोज ग्रुप्स हैं जिनमें युवाओं के बीच अभद्र बातचीत होती है. ऐसे में माता-पिता के लिए ये चिंता का विषय बन जाता है कि अपने बच्चों को इस दिशा में जाने से वो कैसे रोकें. लेकिन, साथ ही सवाल ये भी उठता है कि किशोरोवस्था के लड़के-लड़कियां क्यों ऐसी आपराधिक गतिविधियों की ओर खिंचे चले जाते हैं