जल प्रदूषण जल निकायों के प्रदूषित (जैसे झीलों, नदियों, समुद्रों, जलवाही स्तर और भूजल) हो जाने को कहते हैं | पर्यावरण की दुर्दशा का ये रूप तब होता है जब प्रदूषकों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हानिकारक यौगिकों का शोधन किए बिना जल निकायों में छोड़ दिया जाता है |
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अधिकत्तर नवीकरणीय संसाधन जैविक प्रकार के होते है । नवीकरणीय संसाधनों की बृद्धि और पुरुत्थान क्षमता को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे इन संसाधनों को लगातार जीवित रखा जा सके । यदि इन संसाधनों का उपभोग पुनरुत्थान की दर से लगातार बढ़ता रहता है तो इनकी गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ता है परन्तु ये कभी भी विलुप्त नहीं होते हैं। उदाहरण: जंगल संसाधन, जल संसाधन, खनिज संसाधन, वायु संसाधन आदि । उदाहरण: जंगल संसाधन, जल संसाधन, खनिज संसाधन, वायु संसाधन आदि ।
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ऊर्जा प्रकृति में स्वतंत्र रूप से मौजूद है लेकिन उसमे से कुछ असीमित मात्रा में मौजूद है जो कभी समाप्त नहीं होती, उसे नवीकरणीय ऊर्जा कहा जाता है जबकि बाकी ऊर्जा सीमित मात्रा में उपलब्ध है,जिसे बनने में तो करोड़ों साल लग जाते हैं लेकिन समाप्त एक दिन में हो जाती है,इन्हें गैर- नवीकरणीय/अनवीकरणीय ऊर्जा संसाधन कहा जाता है। गैर- नवीकरणीय ऊर्जा जीवाश्म ईंधनों (कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस) और यूरेनियम से प्राप्त होने वाली ऊर्जा है। जीवाश्म ईंधन मुख्य रूप से कार्बन से बनता है।
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