नवीकरणीय वह ऊर्जा है जो नवीकरणीय (अर्थात स्वाभाविक रूप से पूनःपूर्ति में सक्षम) प्राकृतिक संसाधनों, जैसे-सूर्य ताप , वायु , वर्षा , ज्वार और भूतापीय गर्मी से उत्पन्न होती है । नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पनबिजली / लघु पनबिजली, बायोमास और जैव ईंधन के रूप में परिभाषित किया जाता है। नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन हमेशा उपयोग किये जा सकने के लिए उपलब्ध हैं, और कभी खत्म नहीं होंगे | यही कारण है कुछ लोग इसे हरित ऊर्जा कहते हैं।
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जल चक्र, पृथ्वी के ऊपर जल के अस्तित्व और गति के बारे में वर्णन करता है | पृथ्वी का पानी हमेशा गतिमान रहता है और सदैव अपनी अवस्थाएँ बदलता रहता है अर्थात तरल से वाष्प रूप में व वाष्प से बर्फ में और फिर वापस तरल अवस्था में | जल चक्र अरबों वर्षों से काम कर रहा है और पृथ्वी पर सभी जीव कार्य करने के लिए इस पर निर्भर हैं; इसके बिना पृथ्वी बिलकुल नीरस हो जाएगी |
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गैर नवीकरणीय संसाधन वह खनिज हैं जो लाखों साल से स्थलमंडल में बनते आए हैं और एक संवृत प्रणाली का गठन किया | ये गैर नवीकरणीय संसाधन, एक बार इस्तेमाल में आते हैं, एक अलग रूप में पृथ्वी पर रहते हैं और जब तक पुनर्नवीनीकरण न हो जाये, ये अपशिष्ट पदार्थ बन जाते हैं। गैर नवीकरणीय संसाधनों में जीवाश्म ईंधन भी शामिल हैं जैसे तेल और कोयला, यदि इन्हे वर्तमान दर पर निकाला जाये तो ये जल्दी ही पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे |
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