जब तापमान, प्रकाश, या पोषक जैसी स्थिति में प्रवालों पर परिवर्तित होने का दवाब पड़ता है तो वे अपने ऊतकों में रहने वाले सहजीवी शैवालों को त्याग देते हैं जिसके कारण वे पूरी तरह विरंजित (पूरी तरह सफेद) हो जाते हैं। प्रवाल विरंजल का कारण गर्म पानी या गर्म तापमान हो सकता है। जब पानी अत्यधिक गर्म होता है तो प्रवाल अपने ऊतकों में रहने वाले सूक्ष्म शैवाल (zooxanthellae) को त्याग देते हैं जिस कारण प्रवाल पूरी तरह से विरंजित (पूरी तरह सफेद) हो जाते हैं। प्रवाल, विरंजन के दौरान भी जीवित रह सकते हैं लेकिन वे अत्यधिक दवाब औऱ मृत्यु के साये में रहते है।
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Read more: पर्यावरणीय मुद्दे और सम्मेलन -=प्रवाल विरंजन (श्वेत पड़ना)
भारत सरकार ने सभी नागरिकों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए लगभग हर उत्पाद के लिए कुछ मानकों को बनाया है जैसे कृषि क्षेत्र के उत्पादों के लिए “एगमार्क”, बिजली के उत्पादों के लिए ISI मार्क, सोने चांदी के आभूषणों के लिए BIS मार्क होना निश्चित किया गया है और सभी “प्रसंस्कृत फल उत्पादों” के लिए “FPO मार्क” प्राप्त करना अनिवार्य है| इस लेख में ऐसे ही सुरक्षा मानकों के बारे में बताया गया है|
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Read more: भारत में विभिन्न उत्पादों के लिए दिए जाने वाले प्रमाण-पत्रों का विवरण
आनुवांशिक रूप से संशोधित जीव को जीवों (जैसे कि पौधे, जानवर या सूक्ष्म जीवों) के रूप मे परिभाषित किया जा सकता है जिसमे आनुवांशिक पदार्थ (डीएनए) को इस तरह से संशोधित किया जाता है जो प्राकृतिक रूप से संसर्ग क्रिया / या प्राकृतिक पुनर्संयोजन की क्रिया से उत्पन्न नहीं होता। इस तकनीकी को प्रायः “आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी” या जीन तकनीक, और कभी कभी डीएनए पुनर्संयोजक तकनीक या आनुवांशिक अभियांत्रिकी भी कहा जाता है।
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Read more: पर्यावरणीय मुद्दे और सम्मेलन -जेनेटिक फसलें किन्हें कहते हैं?