5 जून 2015 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (एमबीटी), जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) और न्हावा तथा उरण में ओएनजीसी की सुविधा के लिए भारत में अपने तरह के पहले टीयर-I ऑयल रिस्पांस सेंटर (ओएसआरसी) का उद्धाटन किया। इस केंद्र की स्थापना के पीछे का उद्देश्य समुद्री पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के क्रम में तेल बहाव का पता लगाना और रिपोर्टिंग के लिए उपयुक्त और प्रभावी प्रणाली विकसित करना है ।
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Read more: भारत और जलवायु परिवर्तन -टीयर-I ऑयल रिस्पांस सेंटर (मुंबई और जेएनपीटी हार्बर)
अप्रैल 1975 में ओडिशा राज्य सरकार द्वारा कनिका राज के पूर्व-जमींदारी जंगलों को भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया था। भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य भारत के सबसे बड़े मगरमच्छ आवासों में से एक है और एक प्रमुख तटीय पारिस्थितिकी तंत्र है। सन 1998 में इसे अपनी पारिस्थितिकी, जीव, पुष्प, भू रूपात्मक और प्राणि एसोसिएशन तथा महत्व एवं सुरक्षा के उद्देश्य के कारण एक राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। अगस्त 2002 में इसे दूसरे रामसर साइट (अंतरराष्ट्रीय महत्व की आद्रभूमि) के रूप में नामित किया गया था।
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अर्द्ध शुष्क उष्णकटिबंधीय अंतर्राष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) ने 29 दिसंबर 2014 को ग्रीन फैबलेट (छोटे किसानों के लिए) की शुरूआत की थी। ग्रीन फैबलेट विशेष रूप से निर्मित फोन और टैबलेट कंप्यूटर की एक कम लागत वाला संयोजन है। यह डिवाइस ग्रीन सिम द्वारा संचालित की जाती है, जिसका परिचालन -20 डिग्री सेल्सियस से 60 डिग्री सेल्सियस में होता है। डिवाइस को कृषि हेतु एनयूएनसी प्रणाली के सहयोग से आईसीटी नवाचार में उत्कृष्ट आईसीआरआईएसएटी केन्द्र द्वारा विकसित किया गया है।
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