भारतीय महानगरों मुख्यत: दिल्ली में वायु की गुणवत्ता प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है जिससे खराब वायु गुणवत्ता संबंधित मृत्यु दर में वृद्धि हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष 19 लाख लोग वायु प्रदूषण के कारण मर जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा मई 2014 में प्रकाशित तथा फरवरी, 2014 में याले विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, नई दिल्ली में वायु न केवल भारत अपितु समूचे विश्व में सबसे अधिक प्रदूषित है।
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पर्यावरणीय कानूनों की समीक्षा के लिए पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में बनी एक उच्च स्तरीय समिति ने 18 नवंबर, 2014 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी। समिति ने देश में विकास परियोजनाओं के लिए पर्यावरण संबंधी मंजूरी की प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए एक नया कानून तैयार करने की सिफारिश की थी।
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29 अप्रैल 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद में प्रतिपूरक वनीकरण कोष (सीएएफ) विधेयक, 2015 को प्रस्तुत कर अपनी मंजूरी दे दी है। कानून का उद्देश्य गैर वन प्रयोजन के लिए आवंटित वन भूमि के एवज में जारी की गयी राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों तथा प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेशों को संस्थागत व्यवस्था प्रदान करना है। सीएएफ विधेयक, 2015, वनों के लिए सुरक्षा, जागरूकता और पारदर्शिता प्रदान करने के लिए संस्थागत व्यवस्था प्रदान करता है।
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