वक़्त दोनों के लिए साथ-साथ शुरू हुआ था. ईश्वर ने उन्हें साथ-साथ दुनिया में उतारा. डार्विन के विकासवाद के अनुसार भी ये दोनों साथ-साथ विकास करते रहे, क्योंकि यदि विकास साथ- साथ नहीं होता तो ये दोनों ही विलुप्त हो जाते. दोनों एक-दूसरे के बिना कुछ भी नहीं हैं.