Krishi Gyaan
संकटग्रस्त प्रजातियों की आईयूसीएन लाल डेटा सूची (रेड लिस्ट) को पौधों और पशु प्रजातियों के संरक्षण की स्थिति का मूल्यांकन करने के व्यापक उद्देश्य के वैश्विक दृष्टिकोण के रूप में मान्यता दी गयी है। अपनी छोटी सी शुरुआत से, आईयूसीएन की लाल डेटा सूची (रेड लिस्ट) के आकार और जटिलता में वृद्धि हुई है और यह वर्तमान में सरकारों, गैर सरकारी संगठनों और वैज्ञानिक संस्थाओं की संरक्षण गतिविधियों के मार्गदर्शन में तेजी से एक प्रमुख भूमिका निभा रही है। विलुप्त होने के जोखिमों का निर्धारण करने के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण की शुरूआत 1994 में हुयी। जो सभी प्रजातियों पर लागू है और एक वैश्विक मानक बन गया है।
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जैविकविविधता सम्मेलन (सीबीडी) की स्थापना विभिन्न सरकारों द्वारा 1992 रियो डी जनेरियो में पृथ्वी शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। इसे उस समय अपनाया गया था जब वैश्विक नेताओं ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक जीवित नक्षत्र सुनिश्चित करते हुए वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए सतत विकास' की एक व्यापक रणनीति पर सहमति व्यक्त की थी। 193 सरकारों द्वारा इस पर हस्ताक्षर किए गए थे। सीबीडी ने वैश्विक जैविकविविधता को कायम रखने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की थी जो सीधे-सीधे अरबों लोगों की आजीविका का समर्थन करता है और वैश्विक आर्थिक विकास की नींव रखता है।
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तेज विक्षोभी ध्वनि को वातावरण में इसके विपरीत प्रभाव का अनुमान लगाये बगैर उत्पन्न करने को ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। सबसे ज्यादा बाहरी शोर का स्रोत दुनिया भर में मुख्य रूप से मशीनों और परिवहन प्रणालियों, मोटर वाहन, विमान, और रेलगाड़ियों के कारण होता है। सबसे ज्यादा बाहरी शोर का स्रोत दुनिया भर में मुख्य रूप से मशीनों और परिवहन प्रणालियों, मोटर वाहन, विमान, और रेलगाड़ियों के कारण होता है।उच्च स्तर का शोर मानव में हृदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी और कोरोनरी धमनी रोग होने का सबसे बड़ा कारण है ।
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का संबंध अपशिष्ट पदार्थों के निकास से लेकर उसके उत्पादन व पुनःचक्रण द्वारा निपटान करने की देखरेख से है | अतः ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को निम्न रूप में परिभाषित किया जा सकता है : ठोस अपशिष्ट के उत्पादन का व्यवस्थित नियंत्रण, संग्रह, भंडारण, ढुलाई, निकास पृथ्थ्करण, प्रसंस्करण, उपचार, पुनः प्राप्ति और उसका निपटान | नगरपालिका अपशिष्ट पदार्थ (MSW ) शब्द का प्रायः इस्तेमाल शहर, गाँव या कस्बे के कचरे के लिए किया जाता है |
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सीमा पार घातक पदार्थों का आवागमन तथा निष्पादन को नियंत्रित करने वाली बेसल सम्मेलन एक ऐसी अतंर्राष्ट्रीय संधि है जो घातक अपशिष्टों के विभिन्न देशों में फैलने को कम करने तथा घातक अपशिष्ट की विकसित देशों से कम विकसित देशों में स्थानांतरण को रोकने में सहायक है। हांलांकि यह रेडियोएक्टिव अपशिष्टों के स्थानांतरण को संबोधित नहीं करती। सम्मेलन 5 मई 1992 से प्रभावी हो गया था।
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