Knowledge Center
Online Educational Community Portal
  • Knowledge Center
  • Current Affairs
    • News Corner ( Hindi )
    • News Corner ( English )
    • Current Affairs ( English)
  • Student Corner
    • Exam Corner
    • Study Material
    • NCERT Solutions for Class 10 Social Science
    • NCERT Solutions For Class 9 English
    • Class 12 Biology
    • NCERT Solutions for Class 11 Biology
    • NCERT Solutions For Class 7 Social Science
    • NCERT Solutions For Class 6 English
    • NCERT Solutions For Class 8 Social Science
    • NCERT Solutions for Class 9 Social Science
    • NCERT Solutions for Class 11 English
    • NCERT Solutions for Class 10 Hindi
    • Class 10 Social Science
    • Class 10 Mathematics
    • ncert math 10
    • NCert english 10
    • Poem ( english )
    • NCERT Exemplar Solution for CBSE Class 10 Science
    • Story (english)
    • Story(hindi)
    • Class 12 English
    • Class 12 Physics
    • Class 7 English
    • Class 8 Science
    • Class 7 Hindi
    • Class 8 Hindi
    • Class 7 Science
    • Hindi Booster
    • Class 10 . biology
    • Class 6 Science
  • Biography (hindi)
  • Biography (english)
    • Krishi Gyaan
  • Factfiles
  • Shakhi Saheli
  • God is Light
  • Join Now
? Start your learning journey with Knowledge Center ? Download App ? Free Account ? Premium learning • Tech services • Personalized support

Search

Login

Forgot Login?
Sign up

Participate Now - Win Huge

  • Poem Writing Competition
  • Story Writing Competition
  • Essay Writing Competition

Quick Access

? Current Affairs ? Student Corner ? NCERT Notes ? Exam Updates

Our Impact

5K+ Students
1K+ Articles
200+ Topics

Biography (hindi)

चेतेश्वर पुजारा जीवनी - Biography of Cheteshwar Pujara in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

चेतेश्वर अरविंद पुजारा (जन्म : २५ जनवरी १९८८, राजकोट, गुजरात) एक भारतीय टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी हैं। पुजारा एक दाँये हाथ के बल्लेबाज हैं, जो घरेलू क्रिकेट में सौराष्ट्र और इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू की ओर से खेलते हैं। टेस्ट क्रिकेट में पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ २०१० की घरेलू शृंखला के दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में पदार्पण किया। घायल वी वी एस लक्ष्मण के स्थानापन्न के तौर पर शामिल पुजारा पहली पारी में केवल तीन गेंदों का सामना कर एक चौके की सहायता से चार रन बनाकर आउट हो गये। पुजारा ऐसे पाँचवें भारतीय बल्लेबाज़ हैं जिसने अपनी पहले ही मैच में चौथी पारी में अर्द्धशतक बनाया। चेतेश्वर पुजारा का टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक स्कोर २०६ है। ये अब तक अपने टेस्ट क्रिकेट कैरियर में कुल २ दोहरे शतक लगा चुके हैंजो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

चेतेश्वर पुजारा का जन्म 25 जनवरी 1988 में राजकोट में हुआ। उनके पिता अरविन्द शिवलाल पुजारा एक रणजी खिलाडी थे, जो सौराष्ट्र की तरफ से खेलते थे।

मां का सपना पूरा करना एकमात्र मकसद रानी पुजारा को कैंसर था और जब 2005 में अंडर-19 का मैच खेल कर लौटे तो उन्हें पता चला कि मां अब इस दुनिया में नहीं हैं।बस उसके बाद से ही पुजारा की लाइफ का एक ही मकसद था, मां के सपने को पूरा करना और वो सपना मां की मौत के बाद पांच साल बाद पूरा हुआ। इसलिए पुजारा के लिए क्रिकेट केवल एक खेल नहीं बल्कि एक पूजा है।

मां रीना की दुआएं.. पुजारा की इस सफलता के पीछे जितनी उनकी मेहनत हैं उससे कहीं ज्यादा उनकी मां रीना की दुआएं हैं। पुजारा ने एक बार कहा था कि मां मुझे देश के लिए खेलते देखना चाहती थीं, लेकिन जिस दिन मुझे ये मौका मिला, उस दिन अफसोस मेरी मां मेरे साथ नहीं थीं।

मेरे पिता बेहद अनुशासित और सख्त कोच  पुजारा ने कहा था कि मेरे पिता अरविंद पुजारा बेहद अनुशासित और सख्त कोच हैं, हम आज भी फोन पर खेल के तकनीकी पक्षों की चर्चा करते हैं, सच कहूं तो वो ही मेरे गुरू और मेंटर हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2010 की घरेलू सीरीज टेस्ट क्रिकेट में पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2010 की घरेलू सीरीज के दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में पदार्पण किया। घायल वी वी एस लक्ष्मण के स्थान पर शामिल पुजारा पहली पारी में केवल तीन गेंदों का सामना कर एक चौके की सहायता से चार रन बनाकर आउट हो गये थे। पुजारा ऐसे पांचवें भारतीय बल्लेबाज़ हैं जिसने अपनी पहले ही मैच में चौथी पारी में अर्द्धशतक बनाया।

करियर

चेतेश्वर पुजारा को क्रिकेट की काफी रूचि है। अल्पायु में ही अंडर-14 की टीम में उन्होंने अपने नाम एक तिहरा शतक कर लिया था। अंडर-19 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने दोहरा शतक बनाया। सन 2005 में उन्होंने क्रिकेट में अपने करियर की शुरुवात की।

2005 में क्रिकेट करियर की शुरुवात करते ही सन 2006 में उन्हें एक लंबा ब्रेक मिल गया। इसके बाद अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्होंने 350 रन बनाकर मैन ऑफ़ दी सीरीज का भी ख़िताब जीता।

क्वार्टरफाइनल में उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 97 रन और सेमीफाइनल में 129 रनों की नाबाद पारी खेली और इससे भारत ने वह मैच 234 रनों के विशाल अंतर से भी जीता।

अक्टूबर 2010 में बैंगलोर में टेस्ट मैच में पर्दापण किया। अक्टूबर 2011 में BCCI ने उन्हें सी-ग्रेड नेशनल कॉन्ट्रैक्ट से सम्मानित किया।

जबकि अगस्त 2012 में उन्होंने न्यू ज़ीलैण्ड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में वापसी की और शतक भी जड़ा। इसके बाद नवम्बर 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने पहला दोहरा शतक बनाया।

2012 की NKP साल्वे चैलेंजर ट्रॉफी के वे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे, जिनमे उन्होंने 2 शतक और 1 अर्धशतक बनाया। और फिर मार्च 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने दूसरा दोहरा शतक बनाया।

उनके द्वारा बनाए गये दोनों दोहरे शतक वाले मैचों में भारत को जीत मिली और उन्हें मैन ऑफ़ दी मैच का भी अवार्ड दिया गया।

युवा खिलाड़ियों को देते हैं मुफ्त ट्रेनिंग

चेतेश्वर उनके पिता Arvind Pujara और चाचा Bipin ने राजकोट में Cheteshwar Pujara Cricket Academy खोली है। Rajkot City से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित इस एकेडमी में युवा खिलाड़ियों (Youngsters) को निशुल्क (Free Of Cost) प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस Academy मेें चुने जाने वाले युवा खिलाड़ियों को घर से Academy लाने और फिर Academy से घर ले जाने के लिए मुफत वाहन की व्यवस्था भी की गई है, जो हर दिन दो बार यह काम करता है।

Cheteshwar Pujara Cricket Academy में क्रिकेट सीखने की सभी आधारभूत सुविधाओं (basic facilities) की व्यवस्था की गई है। इसके मैदान में 70 गज की boundary भी है और पांच turf pitches हैं, जिनमें खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकते हैं। इन पांच मैदानी tracks के अलावा एक कोने में net practice के लिए चार turf पिचें और दो cement pitches भी यहां हैं। एकेडमी में बल्लेबाजी का अभ्यास कराने वाली bowling machine के अलावा शारीरिक फिटनेस और व्यायाम के लिए स्तरीय पकरणों (equipment) वाले जिम की सुविधा भी मौजूद है। खिलाड़ियों को ट्रेनिंग जर्सी और जूते भी एकेडमी की तरफ से उपलब्ध कराए जाते हैं।

उन्होंने Rajkot-Jamnagar highway पर 6 एकड़ जमीन खरीदी और उसमें युवाओं को ट्रेनिंग देना शुरू किया। अब यहां न सिर्फ भुज और आस—पास के इलाकों के युवा क्रिकेटर ट्रेनिंग ले रहे हैं, बल्कि उत्तरांचल व अन्य राज्यों के भी कुछ बच्चे इसमें अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं। चेतेश्वर के पिता Arvind Pujara और चाचा Bipin Pujara यहां नियमित रूप से ट्रेनिंग देते हैं। चेतेश्वर पुजारा को भी जब अपनी क्रिकेट व्यस्तताओं से समय मिलता है तो युवाओं को खेल के गुर सिखाने पहुंच जाते हैं।

Details
Parent Category: Magazine
Category: Biography (hindi)
Hits: 172

Read more: चेतेश्वर पुजारा जीवनी - Biography of Cheteshwar Pujara in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

रोमन रेन्स जीवनी - Biography of Roman Reigns (WWE) in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

रोमन रेंस WWE इतिहास के सबसे शानदार सुपरस्टार्स में से एक है। शील्ड से अलग होने के बाद जिस तरीके से उन्होंने अकेले सफलता हासिल की वो काबिले तारीफ है। उन्हें वक्त-वक्त पर पुश मिलता रहा।

लेकिन रेंस मेन इवेंट में ब्रॉक लैसनर, एजे स्टाइल्स, सैथ रॉलिंस जैसे सुपरस्टार्स से लड़ने से पहले एक सिंपल आदमी थे।

रोमन का जन्म 25 मई 1985 को फ्लोरिडा में हुआ रोमन रेंस अनामी फैमिली से बिलोंग करते हैं जिस फैमिली से पहले भी कई पहलवान रह चुके हैं । जिनमें से उनके पिता सीखा अनामी और भाई रोजी भी पेशे से पहलवान रह चुके हैं । मशहूर रेसलर रोक भी इस फैमिली से बिलोंग करते हैं रोमन को बचपन में फुटबॉल खेलने का बहुत शौक था जिसके लिए उन्होंने 4 साल स्कूल के लिए फुटबॉल खेला 2008 में रोमन ने केनेडा के लिए फुटबॉल खेला यहां पर रोमन को 99 नंबर की जर्सी दी गई । वहीं से रोमन को एक पहचान मिल गई आगे चलकर 2010 में रोमन रेंस WWE के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया।

9 सितंबर 2010 को रोमन रेंस अपना पहला रेसलिंग मैच खेला जिसमें उन्होंने अपना रिंग नेम रोमन लियाकी रखा ।

शुरू में रोमन रेंस की रेसलिंग की शुरुआत बहुत खराब रही रोमन अपनी कैरियर के पहले 3 मैच हार चुके थे लेकिन 21 सितंबर 2010 को उनका जय हार का सिलसिला टूटा और उन्होंने फहद रकमन को हराया ।

आगे चलकर रोमन ने 2011 में डोली मार्को के साथ मिलकर टैग टीम की एक जोड़ी बनाई लेकिन यह जोड़ी भी कुछ खास नहीं कर पाई और रोमन को हार पर हार मिलती जा रही थी।  अब तक रोमन के साथ कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा था लेकिन रोमन ने अपनी जिंदगी में हार मानना नहीं सीखा था जिसकी बदौलत वह आगे बढ़ते रहे और 2012 का साल उनके लिए बहुत अच्छा रहा रोमन ने 2012 की जनवरी में फ्लोरिडा हैवीवेट चैंपियन अपने नाम की उसी साल रोमन ने 5 फरवरी को डीन एंब्रोस और सेठ रोलिंस को भी मात दे डाली

डब्ल्यूडब्ल्यूई

फ्लोरिडा चैंपियनशिप रेसलिंग (2010–2012)

जुलाई 2010 में, अनोआ'ई ने डब्ल्यूडब्ल्यूई से अनुबंध किया और उसके प्रशिक्षण क्षेत्र "फ्लोरिडा चैंपियनशिप रेसलिंग" में प्रशिक्षण लिया।

रेन्स ने अपने मुख्य भाग की शुरूआत 18 नवम्बर, 2012 को डीन एम्ब्रोस व सेथ रॉलिन्स के साथ सरवाइवर सीरीज पर की। उन्होने राइबैक पर हमला कर सीएम पंक को डब्ल्यूडब्ल्यूई टाइटल बचाने में मदद की और अपने समूह का नाम शील्ड घोषित किया। शील्ड ने 'टीएलसी' पे-पर-व्यू पर अपने प्रथम मुकाबले में राइबैक व टीम हैल नो को हराया।

मई 19 को 'एक्स्ट्रीम रूल्स' पर रेन्स और रॉलिन्स ने टीम हैल नो को हराकर डब्ल्यूडब्ल्यूई टैग टीम चैंपियनशिप को जीत लिया। उन्होन सरवाइवर सीरीज (2013) पर सर्वाधिक चार एलिमिनेशन के रिकॉर्ड की बराबरी की, और अगले वर्ष रॉयल रम्बल (2014) पर सर्वाधिक 12 एलिमिनेशन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

ट्रिपल एच ने करवाया था रोमन रेंस का परिचय

WWE के इतिहास को देखते हुए हम सभी जानते हैं कि, विंस मैकमैहन सभी बड़े निर्णय करते है। कई मामलों पर उनका ही अंतिम फैसला होता है। शील्ड के लिए NXT से तीन पहलवानों की जरुरत थी। सैठ रॉलिंस और डीन एम्ब्रोस इस सूची में पहले से ही थे, और तीसरे पहलवान की तलाश थी। विंस की नज़र में अन्य पहलवान था जिसे वह तीसरे रैसलर के रूप में लाना चाहते थे, लेकिन ट्रिपल एच ने उनके इस निर्णय को नकार दिया, और रोमन का परिचय सबके सामने कराया था।

एक बार ओर्टन के साथ था विवाद-

WWE के एक लाइव-शो के दौरान जिसे टीवी पर नहीं दिखाया गया था, रोमन और ऑर्टन विपरीत टीमों में थे. वहाँ दोनों के बीच सही ताल मेल न होने की वजह से एक दाव सही तरीके से नहीं हो सका. किसी को गंभीरता से चोट लग सकती थी इसे लेकर उन दोनों का मंच के पीछे शब्दों का युद्ध छिड़ गया. ओर्टन से उलझना रोमन के लिए गंभीर परिणाम हो सकता था क्योंकि वह इस पेशे में नया था और वह एक दिग्गज के साथ बहस कर रहा था.

फुटबॉल सफ़र

अनोआ'ई उच्च विद्यालय से ही फुटबॉल खेलने लगे थे, वे तीन वर्ष पेंसाकोला कैथलिक हाई स्कूल व एक वर्ष एसकेम्बिया हाई स्कूल में खेले। इस दौरान उन्हे पेंसाकोला न्यूज जनरल द्वारा वर्ष का सुराक्षत्मक खिलाडी घोषित किया गया।

"2007 एन० एफ० एल० ड्राफ्ट" द्वारा अनदेखा करने के बाद, अनोआ'ई ने मिनेसोटा वाइकिंग्स से अनुबंध किया, लेकिन वाइकिंग्स ने उन्हे एक महीने बाद ही छोड़ दिया। तब केवल एक हफ्ते बाद अगस्त 2007 में उन्हे 'जैक्सनविले जैगुआर' ने अनुबंधित किया।

व्यक्तिगत जीवन

अनोआ'ई समोअन और इटेलियन मूल इनका मूल है। उनके पिता "सिका" और भाई "रोज़ी" दोनो पेशेवर पहलवान है। समोअन परिवार का सदस्य होने के नाते वे योकोजुना, उमागा, उसोस और द रॉक के चचेरे भाई हैं।

अनोआ'ई ने दिसंबर, 2014 में अपने विद्यार्थी जीवन की मित्र "गेलिना बैकर" को अपना जीवनसाथी बनाया। उनके एक बेटी भी है जिसके साथ वे अक्सर दिखते हैं।

उन्होने जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से प्रबन्धन की पढाई की है।

द शील्ड और फिर उसके बाद रोमन रेंस का स्टार बनना

जिस रोमन रेंस को आज हम जानते है वो बिना शील्ड के कभी कुछ नहीं बन पाता। खुद रोमन रेंस भी ये जानते है की शील्ड नहीं होती तो वो नहीं होते। शील्ड ने आते ही धमाल मचा दिया। फैंस ने भी इसे खूब पसंद किया। एकदम से शील्ड की सफलता काफी ऊपर चले गई।

सीएम पंक ने भी कहा था की शील्ड को लेकर ऑरिजिनल प्लान कुछ और था। लेकिन इसे बदलकर बाद में इसमें सैथ रॉलिंस, एंब्रोज के बाद तीसरे सदस्य के रूप में रोमन रेंस को डाला गया था। लेकिन ये रोमन रेंस के लिए वरदान साबित हुआ। शील्ड इसके बाद 2014 में टूट भी गई। लेकिन इसके बाद फिर WWE में रोमन रेंस का सिक्का चला। एक के बाद एक ऊंचाई वो छूते चले जा रहे है। सैथ रॉलिंस और डीन एंब्रोज इस समय उनके आस-पास भी नहीं है। वो इस समय WWE के सबसे बड़े ब्रांड है।

 

Details
Parent Category: Magazine
Category: Biography (hindi)
Hits: 251

Read more: रोमन रेन्स जीवनी - Biography of Roman Reigns (WWE) in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

इमरान खान जीवनी - Biography Of Imran Khan in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

नाम :– इमरान ख़ान नियाजी।
जन्म :– 05 अक्टूबर, 1952।
पिता :– इकरामुल्लाह खान निआजी।
माता :– शौकत खानुम।
पत्नी :– बुशरा मनिका, रहम खान, बुशरा मेनका।

        इमरान ख़ान नियाजी एक पाकिस्तानी राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेवानिवृत्त पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं। उन्होंने पाकिस्तानी आम चुनाव, २०१८ में बहुमत का वोट जीता। वह 2013 से 2018 तक पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य थे, जो सीट 2013 के आम चुनावों में जीती थीं। इमरान बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध के दो दशकों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला और 1990 के दशक के मध्य से राजनीतिज्ञ हो गए। वर्तमान में, अपनी राजनीतिक सक्रियता के अलावा, ख़ान एक धर्मार्थ कार्यकर्ता और क्रिकेट कमेंटेटर भी हैं।

        ख़ान, 1971-1992 तक पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के लिए खेले और 1982 से 1992 के बीच, आंतरायिक कप्तान रहे। 1987 के विश्व कप के अंत में, क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, उन्हें टीम में शामिल करने के लिए 1988 में दुबारा बुलाया गया। 39 वर्ष की आयु में ख़ान ने पाकिस्तान की प्रथम और एकमात्र विश्व कप जीत में अपनी टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 3,807 रन और 362 विकेट का रिकॉर्ड बनाया है, जो उन्हें 'आल राउंडर्स ट्रिपल' हासिल करने वाले छह विश्व क्रिकेटरों की श्रेणी में शामिल करता है।

        जब इमरान ने बेनजीर से निकाह का प्रस्ताव अपनी मां के सामने रखा तो उन्होंने इस विवाह से साफ इनकार कर दिया था। बेनजीर पकिस्तान के मशहूर जनेर जुल्फिकार अली भुट्टो की बेटी थीं। और इमरान की मां को यह पसंद नहीं था कि ऐसे हाई प्रोफाइल पोलिटिकल फॅमिली की औलाद उनकी बहू बनकर आए। कहा जाता है कि मां के इनकार के बाद उन्होंने बेनजीर से रिलेशन समाप्त कर दिए। 1994 में 42 साल की उम्र में इमरान ने जैमिमा गोल्ड स्मिथ से विवाह किया।

        इमरान खान ने रेहम खान से जनवरी 2015 में दूसरी शादी की थी और अक्टूबर 2015 में ही इनका तलाक हो गया था। इसके बाद इमरान ने बुशरा मानेका से तीसरी शादी की है। इमरान की पहली वाइफ ब्रिटिश महिला जेमिमा गोल्डस्मिथ थी। 9 साल के रिश्ते के बाद 1995 में इनका तलाक हो गया था।


करियर :

        इमरान ने 16 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था , इन्होने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की ब्लूज़ क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाई  . इमरान ने 1971 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला. तीन साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ वन डे मैच में हिस्सा लिया  . ये दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज माने जाते है . 1976 में ये पाकिस्तान लौट आए 1976  1977 में इन्हें राष्ट्रीय टीम की तरफ से खेलना शुरू किया .

        1982 में इन्होने 9 टेस्ट में 13.29 रन पर 62 विकेट मिले , ये आल टाइम टेस्ट बालिंग रैंकिंग में तृतीय स्थान पर माने जाते है . इन्होने 75 टेस्ट मैच में 3000 रन और 300 विकेट प्राप्त किए . इनका सबसे अधिक स्कोर 136 रन था . इन्होने टेस्ट क्रिकेट में 362 विकेट लिए और पाकिस्तान के पहले बॉलर और विश्व के चौथे बॉलर बने . इन्होने 175 वन डे मैच खेले 33.41 के एवरेज से 3709 स्कोर बनाए और इन्होने वन दडे मैच में अधिकतम रन 102 बनाए . 30 साल की आयु में 1982 में इन्हें क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया बतौर कप्तान इन्होने 48 टेस्ट मैच खेले और 14 में विजय हासिल की . 1992 में इन्होने क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया .

राजनीतिक :

        इमरान के क्रिकेट के साथ राजनीति में भी अपनी जगह बने, 1992 में ये क्रिकेट से राजनीति में आ गये. इन्होने 25 अप्रैल, 1996 में पाकिस्तान “तहरीक-ए-इंसाफ ( Tehreek-e-Insaf )” अर्थात न्याय के लिए इन्साफ नामक पार्टी बनाई. ख़ान ने 1999 में जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के सैन्य तख्ता-पलट का समर्थन किया, लेकिन 2002 के आम चुनावों से कुछ महीने पहले उनके राष्ट्रपति पद की भर्त्सना की.

        इमरान पकिस्तान में प्रधानमंत्री पद के लिए प्रवल दावेदार माने जा रहे थे लेकिन इन्हें सफ़लता प्राप्त नहीं हुई और इनकी पार्टी दुसरे स्थान पर रही. ये 4 जगह से चुनाव में खड़े हुए जिसमें से 3 जगह से तो ये जीत गये लेकिन चौथी जगह थी लाहौर जहाँ से ये हार गये. अक्टूबर 2002 में ये चुनाव में खड़े हुए और मियावली से संसद सदस्य बने.

Details
Parent Category: Magazine
Category: Biography (hindi)
Hits: 167

Read more: इमरान खान जीवनी - Biography Of Imran Khan in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

परिमार्जन नेगी जीवनी - Biography Of Parimarjan Negi in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

नाम :– परिमार्जन नेगी।
जन्म :– 9 फरवरी, 1993, दिल्ली।
पिता : जे.बी. सिंह।
माता : परिधि डी. नेगी।
पत्नी/पति :– ।

प्रारम्भिक जीवन :

        शतरंज में असाधारण प्रतिभावान बालकों की सूची में एक नया नाम जुड़ गया है, वह है परिमार्जन नेगी । उनकी मां का नाम परिधि डी. नेगी है तथा पिता का नाम जे.बी. सिंह है । वह एमिटी इन्टरनेशनल स्कूल, साकेत (दिल्ली) के छात्र हैं । वह सुर्खियों में तब आए जब उन्होंने बहुत कम उम्र में ग्रैंडमास्टर खिताब जीत लिया और इस खिताब को जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए । मात्र 4 वर्ष की आयु में शतरंज का खेल शुरू करने वाले परिमार्जन ने जल्दी ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी । उन्होंने अपनी पहली अन्तरराष्ट्रीय सफलता 2002 में प्राप्त की, जब तेहरान में वह 10 वर्ष से कम आयु वर्ग के एशियाई खिलाड़ियों में विजेता बने ।

        2002 में तेहरान में परिमंजन नेगी ने एशियाई युवा शतरंज चैंपियनशिप में 10 सेक्शन डिवीजन जीता था। उन्होंने 2005/06 हेस्टिंग्स इंटरनेशनल शतरंज कांग्रेस में अपना पहला ग्रैंडमास्टर मानदंड हासिल किया।  दिल्ली में चौथे पारस्नाथ इंटरनेशनल ओपन शतरंज टूर्नामेंट में उन्होंने अपना दूसरा जीएम मानदंड अर्जित करने के तुरंत बाद। नेगी ने रूस के सटका में चेल्याबिंस्क क्षेत्र सुपरफाइनल चैंपियनशिप में रूसी ग्रैंडमास्टर रुस्लान शेरबाकोव के साथ 1 जुलाई 2006 को अपना तीसरा और अंतिम जीएम मानदंड अर्जित किया, जहां उन्होंने नौ राउंड से छह अंक के साथ समाप्त किया। इस प्रकार नेगी भारत में अब तक का सबसे छोटा शतरंज ग्रैंडमास्टर बन गया, पेंटाला हरिकृष्ण के रिकॉर्ड को तोड़ दिया, और दुनिया में दूसरा सबसे युवा।

        नेगी ने जून 2008 में 7/9 के स्कोर के साथ मजबूत फिलाडेल्फिया इंटरनेशनल ओपन टूर्नामेंट जीता, और वह अपमानित था। अगस्त 2008 में, उन्होंने गजीएंटेप में विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में अभिजीत गुप्ता के पीछे दूसरा स्थान हासिल किया। 200 9 में उन्होंने कोपेनहेगन में पॉलिसीकन कप 8.5 / 10 के साथ, बोरिस एवरुख पर टाईब्रेक्स पर और कुआलालंपुर में 6 वें आईजीबी दाटो 'आर्थर टैन मलेशिया ओपन में जीता।

        परिमार्जन नेगी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अंडर -10 श्रेणी में एशियाई यूथ शतरंज चैम्पियनशिप वर्ष 2002 और कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप वर्ष 2003 दोनों में स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। वर्ष 2004 में परिमार्जन नेगी ने कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप की अंडर -14 श्रेणी में रजत पदक जीता था। परिमार्जन नेगी ने वर्ष 2003 में एशियन यूथ चैम्पियनशिप की अंडर -10 श्रेणी में और वर्ष 2004 में वर्ड यूथ चैम्पियनशिप की अंडर -12 श्रेणी में कांस्य पदक जीता था। परिमार्जन नेगी अपने शानदार प्रदर्शन के कारण 2004 में नेशनल सब-जूनियर चैम्पियनशिप की अंडर -15 श्रेणी में स्वर्ण पदक हासिल करने में सक्षम हुए थे।

        19 वर्षीय नेगी ने वियतनाम की राजधानी हो ची मिन्ह में खिताबी जीत हासिल की। उनोन्हे विश्व कप सीरीज में एशिया का प्रतिनिधित्व किया। नेगी यह खिताब जीतने वाले तीसरे भारतीय हैं। इससे पहले 2003 में के. शशिकिरण और 2011 में पेंडल्या हरिकृष्णा ने यह खिताब जीता था। परिमार्जन नेगी ने लीडेन अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट के सातवें दौर में रूस के ग्रैंडमास्टर वेगेनी वोरोबियोव को हराया।

उपलब्धियां :

        परिमार्जन नेगी भारत के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर का खिताब जीतने वाले खिलाड़ी है। राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने अपनी उपस्थिति मात्र 4 वर्ष की आयु में दर्ज कराई। 2002 में परिमार्जन ने तेहरान में 10 वर्ष से कम आयु वर्ग की एशियाई चैंपियनशिप में पहली बार अन्तरराष्ट्रीय सफलता प्राप्त की। जुलाई, 2005 में स्पेन के सॉर्ट में अन्तरराष्ट्रीय ओपन में परिमार्जन ने अपना तीसरा व फाइनल इन्टरनेशल नार्म (आई एम) स्कोर करके ‘विश्व का सबसे कम उम्र का इन्टरनेशनल मास्टर बनने की उपलब्धि हासिल की। 1 जुलाई, 2005 को परिमार्जन आज तक के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने।

Details
Parent Category: Magazine
Category: Biography (hindi)
Hits: 159

Read more: परिमार्जन नेगी जीवनी - Biography Of Parimarjan Negi in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

Biography : डॉ. भीम राव अंबेडकर जीवनी - Biography of Bhimrao Ramji Ambedkar (Baba Saheb) in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

भारत को संविधान देने वाले महान नेता डॉ. भीम राव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था। डा. भीमराव अंबेडकर के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का भीमाबाई था। अपने माता-पिता की चौदहवीं संतान के रूप में जन्में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जन्मजात प्रतिभा संपन्न थे। भीमराव अंबेडकर का जन्म महार जाति में हुआ था जिसे लोग अछूत और बेहद निचला वर्ग मानते थे।

        बचपन में भीमराव अंबेडकर (Dr.B R Ambedkar) के परिवार के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव किया जाता था। भीमराव अंबेडकर के बचपन का नाम रामजी सकपाल था. अंबेडकर के पूर्वज लंबे समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्य करते थे और उनके पिता ब्रिटिश भारतीय सेना की मऊ छावनी में सेवा में थे. भीमराव के पिता हमेशा ही अपने बच्चों की शिक्षा पर जोर देते थे।

आरम्भिक जीवन :

        भीमराव डॉ॰ भीमराव रामजी आंबेडकर जी का जन्म ब्रिटिशों द्वारा केन्द्रीय प्रांत (अब मध्य प्रदेश में) में स्थापित नगर व सैन्य छावनी महू में हुआ था। वे रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की १४ वीं व अंतिम संतान थे। उनका परिवार मराठी था और वो आंबडवे गांव जो आधुनिक महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में है, से संबंधित था। वे हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे, जो अछूत कहे जाते थे और उनके साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव किया जाता था। 

        डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के पूर्वज लंबे समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्यरत थे और उनके पिता, भारतीय सेना की मऊ छावनी में सेवा में थे और यहां काम करते हुये वो सूभेदार के पद तक पहुँचे थे। उन्होंने मराठी और अंग्रेजी में औपचारिक शिक्षा की डिग्री प्राप्त की थी। उन्होने अपने बच्चों को स्कूल में पढने और कड़ी मेहनत करने के लिये हमेशा प्रोत्साहित किया।

        रामजी आंबेडकर ने सन १८९८ मे पुनर्विवाह कर लिया और परिवार के साथ मुंबई (तब बंबई) चले आये। यहाँ डॉ॰ भीमराव आंबेडकर एल्फिंस्टोन रोड पर स्थित गवर्न्मेंट हाई स्कूल के पहले अछूत छात्र बने। पढा़ई में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बावजूद, छात्र भीमराव आंबेडकर लगातार अपने विरुद्ध हो रहे इस अलगाव और, भेदभाव से व्यथित रहे। सन १९०७ में मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद भीमराव आंबेडकर ने मुंबई विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और इस तरह वो भारतीय महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले पहले अस्पृश्य बन गये। 

        मैट्रिक परीक्षा पास की उनकी इस बडी सफलता से उनके पूरे समाज मे एक खुशी की लहर दौड़ गयी, क्योंकि तब के समय में मैट्रिक परीक्षा पास होना बहूत बडी थी और अछूत का मैट्रिक परीक्षा पास होना तो आश्चर्यजनक एवं बहूत महत्त्वपूर्ण बडी बात थी।इसलिए मैट्रिक परीक्षा पास होने पर उनका एक सार्वजनिक समारोह में सम्मान किया गया इसी समारोह में उनके एक शिक्षक कृष्णाजी अर्जुन केलूसकर ने उन्हें अपनी लिखी हुई पुस्तक गौतम बुद्ध की जीवनी भेंट की, श्री केलूसकर, एक मराठा जाति के विद्वान थे। इस बुद्ध चरित्र को पढकर पहिली बार भीमराव बुद्ध की शिक्षाओं से ज्ञान होकर बुद्ध से बहूत प्रभावी हुए।

राजनीतिक जीवन :

        31 जनवरी 1920 को एक साप्ताहिक अख़बार “मूकनायक” शुरू किया। 1924 में बाबासाहेब ने दलितों को समाज में अन्य वर्गों के बराबर स्थान दिलाने के लिए  बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की। 1932 को  गांधीzजी और डॉ. अम्बेडकर के बीच एक संधि हुई  जो  ‘पूना संधि’ के नाम से जानी  जाती है। अगस्त 1936 में “स्वतंत्र लेबर पार्टी ‘की स्थापना की। 1937 में डॉ. अम्बेडकर ने कोंकण क्षेत्र में पट्टेदारी को ख़त्म करने के लिए  विधेयक पास करवाया| भारत के आज़ाद होने पर डॉ. अम्बेडकर को संविधान की रचना का काम सौंपा गया |

        फरवरी 1948 को अम्बेडकर ने संविधान का प्रारूप प्रस्तुत किया और जिसे २६ जनबरी 1949 को लागू किया गया। 1951 में डॉ. अम्बेडकर  ने कानून मंत्री के पद से त्याग पत्र दे दिया| हिन्दी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं में डॉ बी आर अम्बेडकर के कामों के व्याख्यान को उपलब्ध करा रहें हैं। डॉ अंबेडकर के जीवन के मिशन के साथ ही विभिन्न सम्मेलनों, कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों, व्याख्यान, सेमिनार, संगोष्ठी और मेलों का आयोजन। समाज के कमजोर वर्ग के लिए डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार और सामाजिक परिवर्तन के लिए डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार देना।

        हर साल डॉ अम्बेडकर की 14 अप्रैल को जन्मोत्सव और 6 दिसंबर पर पुण्यतिथि का आयोजन। अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के मेधावी छात्रों के बीच में पुरस्कार वितरित करने के लिए डॉ अम्बेडकर नेशनल मेरिट अवार्ड योजनाएं शुरू करना। हिन्दी भाषा में सामाजिक न्याय संदेश की एक मासिक पत्रिका का प्रकाशन। अनुसूचित जाति से संबंधित हिंसा के पीड़ितों के लिए डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय राहत देना।

किताबे :

• हु वेअर शुद्राज?,
• दि अनरचेबल्स,
• बुध्द अॅड हिज धम्म,
• दि प्रब्लेंम ऑफ रूपी,
• थॉटस ऑन पाकिस्तान

विचार :

• जीवन लम्बा होने की बजाय महान होना चाहिए।
• पति-पत्नी के बीच का सम्बन्ध घनिष्ट मित्रों के सम्बन्ध के सामान होना चाहिए।
• हिंदू धर्म में, विवेक, कारण, और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।
• मैं किसी समुदाय की प्रगति, महिलाओं ने जो प्रगति हांसिल की है उससे मापता हूँ।
• एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ असंतोष का होना पर्याप्त नहीं है। जिसकी आवश्यकता है वो है न्याय एवं राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्था।
• लोग और उनके धर्म सामाजिक मानकों द्वारा; सामजिक नैतिकता के आधार पर परखे जाने चाहिए। अगर धर्म को लोगो के भले के लिए आवशयक मान लिया जायेगा तो और किसी मानक का मतलब नहीं होगा।
• हमारे पास यह स्वतंत्रता किस लिए है ? हमारे पास ये स्वत्नत्रता इसलिए है ताकि हम अपने सामाजिक व्यवस्था, जो असमानता, भेद-भाव और अन्य चीजों से भरी है, जो हमारे मौलिक अधिकारों से टकराव में है को सुधार सकें।
• सागर में मिलकर अपनी पहचान खो देने वाली पानी की एक बूँद के विपरीत, इंसान जिस समाज में रहता है वहां अपनी पहचान नहीं खोता। इंसान का जीवन स्वतंत्र है। वो सिर्फ समाज के विकास के लिए नहीं पैदा हुआ है, बल्कि स्वयं के विकास के लिए पैदा हुआ है।
• आज  भारतीय  दो  अलग -अलग  विचारधाराओं  द्वारा  शाशित  हो  रहे  हैं . उनके  राजनीतिक  आदर्श  जो  संविधान  के  प्रस्तावना  में  इंगित  हैं  वो  स्वतंत्रता  , समानता , और  भाई -चारे  ko स्थापित  करते  हैं . और  उनके  धर्म  में  समाहित  सामाजिक  आदर्श  इससे  इनकार  करते  हैं .
• राजनीतिक  अत्याचार  सामाजिक  अत्याचार  की  तुलना  में  कुछ  भी  नहीं  है  और  एक  सुधारक  जो  समाज  को  खारिज  कर  देता  है  वो   सरकार  को  ख़ारिज  कर  देने  वाले   राजनीतिज्ञ  से  कहीं अधिक  साहसी  हैं .

        डॉ. अम्बेडकर जी ने अस्पृश्यता, अशिक्षा, अन्धविश्वास के साथ-साथ सामाजिक, राजनैतिक एवम आर्थिक विषमता को सबसे बड़ी बुराई रूप में प्रस्तुत किया और एक नैतिक एवम् न्यायपूर्ण आदर्श समाज के निर्माण के लिये उन्होंने स्वाधीनता, समानता और भ्रातृत्व के सूत्रों को आवश्यक बताया और उनका कड़े शब्दों में समर्थन किया। 

        डॉ. अम्बेडकर जी ने वर्णव्यवस्था और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ हिन्दू समाज में संघर्ष करते हुए इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि हिन्दूधर्म को सुधारा नहीं जा सकता, उसे छोड़ा जा सकता है. अत:  1956 में उन्होंने बौद्धधर्म स्वीकार किया और उनके अनुसार बौद्ध धर्म ही अधिक लोकतान्त्रिक, नैतिक एवम समतावादी है।

        डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी ने 6 दिसम्बर 1956 को अपने पार्थिव शरीर को इस संसार में छोड़ दिया. इस दिन को उनके अनुयायियों द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस रूप में देखा जाता है और उनके चिंतन पर मनन किया जाता है. मृत्यु : 6 दिसंबर 1956 को लगभग 63 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया।

Details
Parent Category: Magazine
Category: Biography (hindi)
Hits: 150

Read more: Biography : डॉ. भीम राव अंबेडकर जीवनी - Biography of Bhimrao Ramji Ambedkar (Baba Saheb) in Hindi...

  1. विनायक दामोदर सावरकर जीवनी - Biography of Vinayak Damodar Savarkar in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  2. नेताजी सुभाष् चंद्र बोस जीवनी - Biography of Netaji Subhash Chandra Bose in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  3. गौतम बुद्ध जीवनी - Biography of Gautama Buddha in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  4. चंद्रशेखर आजाद जीवनी - Biography of Chandra Shekhar Azad in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

Page 7 of 12

  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
  • 6
  • 7
  • 8
  • 9
  • 10
  • 11

Trending 20

  • विराट कोहली जीवनी - Biography of Virat Kohli in Hindi Jivani
  • अरुणिमा सिन्हा जीवनी - Biography of Arunima Sinha in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • अशफाकुल्ला खान जीवनी - Biography of Ashfaqulla Khan in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • के एल राहुल जीवनी - Biography of KL Rahul in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • चेतेश्वर पुजारा जीवनी - Biography of Cheteshwar Pujara in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • जॉन सीना जीवनी - Biography of John Cena in Hindi Jivani
  • ड्वेन जॉनसन जीवनी - Biography of (The Rock) Dwayne Johnson in Hindi Jivani
  • दशरथ मांझी जीवनी - Biography of Dashrath Manjhi in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • धनराज पिल्लै जीवनी - Biography of Dhanraj Pillay in Hindi Jivani
  • ध्यानचंद सिंह जीवनी - Biography of Dhyan Chand in Hindi Jivani
  • निक व्युजेसिक जीवनी - Biography of Nick Vujicic in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • नीरजा भनोट जीवनी - Biography of Neerja Bhanot in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • पी. टी. उषा जीवनी - Biography of P. T. Usha in Hindi Jivani
  • माइकल फ़्रेड फ़ेल्प्स जीवनी - Biography of Michael Fred Phelps in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • राहुल द्रविड़ जीवनी - Biography of Rahul Dravid in Hindi Jivani
  • रोहित शर्मा जीवनी - Biography of Rohit Sharma in Hindi Jivani
  • लिएंडर पेस जीवनी - Biography of Leander Paes in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • विश्वनाथन आनंद जीवनी - Biography of Viswanathan Anand in Hindi Jivani
  • वीरेंद्र सहवाग जीवनी - Biography of Virendra Sehwag in Hindi Jivani
  • सचिन तेंदुलकर जीवनी - Biography of Sachin Tendulkar in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

Older Posts

  • मिल्खा सिंह जीवनी - Biography of Milkha Singh in Hindi Jivani
  • विनायक दामोदर सावरकर जीवनी - Biography of Vinayak Damodar Savarkar in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • Biography : डॉ. भीम राव अंबेडकर जीवनी - Biography of Bhimrao Ramji Ambedkar (Baba Saheb) in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • सचिन तेंदुलकर जीवनी - Biography of Sachin Tendulkar in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • जे. कृष्णमूर्ति जीवनी - Biography Of J. Krishnamurti in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • सैम मानेकशॉ जीवनी - Biography of Sam Manekshaw in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • ड्वेन जॉनसन जीवनी - Biography of (The Rock) Dwayne Johnson in Hindi Jivani
  • पेले जीवनी - Biography of Pelé in Hindi Jivani
  • शैतान सिंह जीवनी - Biography of Shaitan Singh in Hindi Jivani Published By : Jivani.org
  • गौतम बुद्ध जीवनी - Biography of Gautama Buddha in Hindi Jivani Published By : Jivani.org

Trending in Student Corner

  • 10 Bollywood gangster films to watch in your lifetime
  • NCERT Solutions For Class 9 English Beehive Chapter 1
  • Wajid Khan of Sajid-Wajid Music Composer Duo passes away
  • Canada Child Benefit Increases $300 Per Child For May
  • Korea kicks-off with baseball and football, world watches
  • Ratan Tata takes on fake news again, says didn’t write quote attributed to him
  • Thierry Delaporte becomes new Wipro CEO and MD
  • Odisha to sing Bande Utkala Janani today for COVID-19 Warriors; CM Naveen Patnaik appeals to all people
  • "Embarrassed": Top Bengal Voices On Mahua Moitra Criticising NRI Doctors
  • Sunil Joshi becomes new Chief Selector of Indian men's cricket team

Trending in Current Affairs

  • NCERT Solutions for Class 10 Math Chapter 1 – Real Numbers
  • NCERT Exemplar Solution for CBSE Class 10 Mathematics: Arithmetic Progressions (Part-IVB
  • NCERT Solutions for Class 10 Math Chapter 15 – Probability
  • NCERT Exemplar Solution for CBSE Class 10 Mathematics: Arithmetic Progressions (Part-IA
  • Class 10 Maths NCERT Exemplar Solution: Introduction to Trigonometry & its Applications (Part-IIA
  • NCERT Exemplar Solution for CBSE Class 10 Mathematics: Triangles (Part-IA)
  • औषधीय एवं वाणिज्यिक फसलें - गुलाब की खेती
  • औषधीय एवं वाणिज्यिक फसलें - तुलसी की खेती
  • पारिस्थितिकी तंत्र -जलीय विभंजन (हाइड्रोलिक फ्रेक्चरिंग)
  • NCERT Exemplar Solution for CBSE Class 10 Mathematics: Arithmetic Progressions (Part-IVA)

Trending E-Articles (English)

  • NCERT Solutions for Class 8 Social Science Chapter 9 – Public Facilities
  • NCERT Solutions For Class 8 Social Science History Chapter 3
  • NCERT Solutions For Class 8 Social Science History Chapter 4
  • NCERT Solutions For Class 8 Social Science History Chapter 6
  • NCERT Solutions For Class 8 Social Science Geography Chapter 2
  • NCERT Solutions for Class 8 Social Science Chapter 2 – From Trade to Territory
  • NCERT Solutions for Class 8 Social Science Chapter 10 – Law and Social Justice
  • NCERT Solutions For Class 8 Social Science Civics Chapter 2
  • NCERT Solutions for Class 8 Social Science Chapter 5 – When People Rebel
  • NCERT Solutions for Class 8 Social Science Chapter 4 – Tribals, Dikus and the Vision of a Golden Age

Trending in E-Articles ( Hindi )

  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 1 – दो बैलों की कथा
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 12 – कैदी और कोकिला
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 8 – एक कुत्ता और एक मैना
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 1 – इस जल प्रलय में
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 – नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 1 – गिल्लू
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 – शरद जोशी
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 – मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 2 – स्मृति
  • NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 2 – ल्हासा की ओर
  • Login